चंडीगढ़ , मार्च 05 -- हरियाणा में सिरसा लोक सभा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य के बजट 2026-27 पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को जानबूझकर उपेक्षित किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि वर्ष 2013-14 में कांग्रेस सरकार के समय कुल बजट खर्च का 21.77 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार के बजट 2026-27 में यह घटकर केवल 10.80 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस प्रकार की कटौती सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।

यहां जारी एक विज्ञप्ति में उन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लगभग 90 प्रतिशत विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद खाली पड़े हैं। इससे स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक माहौल दोनों प्रभावित हो रहे हैं। जब विद्यालयों में नेतृत्व ही नहीं होगा, तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल सकेगी।

कुमारी सैलजा ने राज्य के विश्वविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में खाली पदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में लगभग 50 प्रतिशत, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी में 69 प्रतिशत, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा में करीब 60 प्रतिशत और सीआरएसयू जींद में भी लगभग 60 प्रतिशत शिक्षकों के पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि प्रदेश की उच्च शिक्षा भी गंभीर संकट से गुजर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण लोगों का भरोसा सरकारी शिक्षा व्यवस्था से खत्म हो रहा है और निजी संस्थानों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर है, तो खाली पदों को तुरंत भरना चाहिए और शिक्षा बजट में बढ़ोतरी करनी चाहिए।

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