चंडीगढ़ , फरवरी 17 -- पंजाब के शैक्षिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से, पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने फतेहगढ़ साहिब स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में दो दिवसीय 'शिक्षक उत्सव 2025-26' का आयोजन किया। इस आयोजन में आठ हजार से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया।

इस आयोजन को राज्य के शिक्षण समुदाय की नवोन्मेषी भावना का प्रमाण बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "शिक्षक उत्सव का उद्देश्य पारंपरिक कक्षा शिक्षण की नीरसता को तोड़ना और एक ऐसा गतिशील मंच प्रदान करना है, जहां शिक्षाशास्त्र और नवाचार का संगम हो। शिक्षकोंको पारंपरिक विधियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करके, हम पंजाब के प्रत्येक बच्चे के भविष्य में सीधे निवेश कर रहे हैं। इस आयोजन के दौरान प्रदर्शित ऊर्जा और रचनात्मकता इस बात का प्रमाण है कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली उत्कृष्टता के एक नये युग में प्रवेश करने के लिए तैयार है। "श्री बैंस ने कहा, "शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं।" उन्होंने कहा कि यह उत्सव एक अनूठा मंच था जहां सभी जिलों के विषय शिक्षकों ने 10 विविध श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अत्याधुनिक शिक्षण ऐप्स और आईटी टूल्स विकसित करने से लेकर एकांकी नाटकों से दर्शकों को मंत्रमुग्धकरने और परिष्कृत सूक्ष्म-शिक्षण तकनीकों का प्रदर्शन करने तक, प्रतिभा का दायरा व्यापक था। अन्य श्रेणियों में पहेलियां और प्रश्नोत्तरी जैसी मनोरंजक गतिविधियां, विशेष शिक्षण किट, हस्तलेखन और सुलेख, हस्तनिर्मित मॉडल और फ्लैशकार्ड, और यहां तक कि सीखने के लिए डिज़ाइन किये गये मैनुअल और वीडियो गेम, साथ ही विषय ज्ञान के वास्तविक जीवन अनुप्रयोग शामिल थे।

प्रत्येक श्रेणी से सर्वश्रेष्ठ 270 प्रतिभागियों ने फतेहगढ़ साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय फाइनल में भाग लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र, ट्राफियां और विशेष संकलन देकर सम्मानित किया गया, साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और नवोन्मेषी योगदान को भी मान्यता दी गयी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित