कोल्हापुर , अगस्त 05 -- विख्यात शिक्षाविद, दार्शनिक और पूर्व राज्यपाल डॉ. डी.वाई. पाटिल का अंतिम संस्कार बुधवार शाम को कोल्हापुर को पैविलियन ग्राउंड में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान सैकड़ों प्रशंसकों ने नारों के बीच उन्हें भावभीनी विदाई दी।

त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल का अंतिम संस्कार आज शाम शहर के बाहरी इलाके कस्बा बावड़ा के लाइन बाज़ार स्थित पैविलियन ग्राउंड में किया गया। मंगलवार को 90 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

इससे पहले, डॉ. पाटिल का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए कस्बा बावड़ा स्थित उनके आवास 'यशवंत' में रखा गया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई कैबिनेट मंत्रियों ने कोल्हापुर में उनके घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से डॉ. पाटिल के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व मंत्री सुशीलकुमार शिंदे, ज़िले के प्रभारी मंत्री प्रकाश आबिटकर और हसन मुश्रीफ, सांसद श्रीमंत शाहू छत्रपति और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल ने भी डॉ. पाटिल के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

अंतिम संस्कार से पहले, सैकड़ों लोगों, अलग-अलग पार्टियों के नेताओं एवं उनके समर्थकों ने दिवंगत डॉ. पाटिल को श्रद्धांजलि दी।

बाद में, उनके पार्थिव शरीर को उनके घर से पैविलियन ग्राउंड स्थित अंतिम संस्कार स्थल तक एक बड़े जुलूस के साथ ले जाया गया। वहां उनके बड़े बेटे और डी वाई पाटिल ग्रुप के शिक्षण संस्थानों के चेयरमैन संजय पाटिल और छोटे बेटे व पूर्व मंत्री एमएलसी सतेज पाटिल ने बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।

राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सांसद, विधायक और हज़ारों लोग व समर्थक अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

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