भोपाल , अक्टूबर 13 -- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मी वर्ग-2 और वर्ग-3 को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देने की मांग पर राज्य सरकार को 60 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने 12 अक्टूबर को यह आदेश दिया।
अनिल कुमार तोमर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने याचिका में मांग की थी कि तीन सितंबर 2001 से पहले नियुक्त शिक्षाकर्मियों तथा वर्ष 1997 से 1999 के बीच नियुक्त शिक्षाकर्मियों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए। उन्होंने पदोन्नति के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि इस संबंध में सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन दिए गए थे, लेकिन उन पर निर्णय नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 60 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी लंबित आवेदनों पर कानून के अनुसार विचार कर स्पष्ट कारणों सहित निर्णय लें और इसकी जानकारी याचिकाकर्ताओं को दें।
हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों को टीईटी से छूट देने या पदोन्नति में राहत देने का अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अदालत ने केवल लंबित आवेदनों पर निर्धारित समय में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं और याचिका का निराकरण कर दिया है।
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