रायपुर , जून 15 -- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी निवासी शिक्षक एवं साइकिलिस्ट संतोष गुप्ता ने साइकिल यात्राओं से एक अनूठी पहचान बनायी है। देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश लेकर यात्रा करने वाले शिक्षक गुप्ता अब तक साइकिल से एक लाख किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुके हैं। पिछले छह वर्षों के दौरान उन्होंने भारत की चारों सीमाओं तक साइकिल यात्रा कर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।

मुंगेली जिले के लोरमी निवासी 44 वर्षीय शिक्षक एवं साइकिलिस्ट संतोष गुप्ता हाल ही में धमतरी जिले के गंगरेल बांध के किनारे 14 जून को आयोजित मेगा साइकिल रेसिंग प्रतियोगिता में शामिल हुये थे। प्रतियोगिता के दौरान तकनीकी कारणों से उन्हें कुछ समय के लिए पीछे कर दिया गया था। इसके अलावा बीच रेस में उनकी साइकिल भी खराब हो गयी लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया।

शिक्षक एवं साइकलिस्ट के नाम साइकिल चलाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन कम से कम 70 किलोमीटर साइकिल चलाने का लक्ष्य रखते हैं। वर्तमान में वह शासकीय प्राथमिक शाला सल्फा-सरगांव, विकासखंड पथरिया में पदस्थ हैं और नियमित रूप से साइकिल से ही विद्यालय पहुंचते हैं।

उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी, बिलासपुर से नेपाल, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों तथा खारदुंगला, लेह और लद्दाख तक साइकिल यात्राएं की हैं। उनकी यात्राओं का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के प्रति जनजागरण करना भी है।

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