पटना , सितंबर 05 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर कहा कि शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देना चाहिए।
श्री तिवारी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में राज्य के शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण शिक्षकों के हाथों में है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों का सबसे महत्वपूर्ण कर्मक्षेत्र उनका विद्यालय है और अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पटना जाकर धरना-प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की शिक्षा 'विद्या ददाति विनयम्' के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।
श्री तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिहार के शिक्षकों की समस्याओं का समाधान जितनी तेजी से संभव हो, किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में काम कर रहा है। करीब पांच लाख 80 हजार शिक्षक राज्य के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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