मुंबई , जुलाई 25 -- महाराष्ट्र में ठाणे की पुलिस ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्नपत्र लीक मामले में कई हफ्तों से फरार मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार किया है।
भिवंडी पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि बिजेंद्र गुप्ता को ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद ठाणे पुलिस की टीम जांच के लिए उसे भिवंडी ला रही है। उनोंने बताया कि एक कोचिंग संस्थान का पूर्व शिक्षक गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था। लगभग छह लाख उम्मीदवारों की परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में उसकी गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें सामने आने के बाद टीईटी परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। इससे शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों उम्मीदवार अधिकारियों के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
राज्य सरकार की ओर से परीक्षा की नयी समय सारिणी घोषित की जानी अभी बाकी है। इस देरी के कारण छात्र संगठनों और उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जो इस घटना की जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की भी मांग की है।
पुलिस ने कहा कि लीक हुए पेपर की कथित खरीद और वितरण में शामिल बड़े तंत्र का सुराग लगाने के लिए जांच जारी है।
अधिकारी पूर्व की परीक्षाओं से जुड़े मामलों में भी गुप्ता के संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा महाराष्ट्र के स्कूलों में शिक्षण पदों पर नियुक्ति पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अनिवार्य योग्यता है। इस परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता ने भर्ती के अवसरों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
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