मुंबई , सितंबर 02 -- शिक्षक दिवस के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों जितेन लालवानी, विवाना सिंह, इक़बाल खान, गुलकी जोशी, मुस्कान बामने और दीक्षा जोशी ने उन शिक्षकों और गुरुओं को याद किया, जिन्होंने उनके जीवन और करियर को दिशा दी।'हस्तिनापुर के वीर' में द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे जितेन लालवानी ने अपने पिता, ससुर और वरिष्ठ कलाकार सुधीर पांडे से मिले अनुशासन, समर्पण और धैर्य के सबक साझा किए। उन्होंने कहा कि जीवन स्वयं सबसे बड़ा शिक्षक है और हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है।

'गांधारी' की भूमिका निभा रहीं विवाना सिंह ने अपने माता-पिता को अपना सबसे बड़ा गुरु बताया। उन्होंने कहा कि मां ने उन्हें ईमानदारी और सही काम करने की सीख दी, जबकि पिता ने अभिनय के लिए प्रेरित करने के साथ पढ़ाई पूरी करने पर भी जोर दिया।

'यादें' में डॉ. देव का किरदार निभा रहे इक़बाल खान ने अपनी थिएटर शिक्षिका अरुणा आहलुवालिया और उनकी बेटी किस्मत आहलुवालिया को याद किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने अभिनय की समझ और अनुशासन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

'पुष्पा इम्पॉसिबल' में शानाया की भूमिका निभा रहीं मुस्कान बामने ने अपने चाचा को अपना सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि चाचा ने उन्हें जमीन से जुड़े रहने, मेहनत करने और सफलता को सिर पर न चढ़ने की सीख दी।

'यादें' में दीप्ति की भूमिका निभा रहीं दीक्षा जोशी ने अपने कॉलेज प्रोफेसरों कैट्रिनेल डुंका, सरवर मैम और सुसन मैम को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने उन्हें सवाल पूछने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपना दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

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