दरभंगा , अगस्त 29 -- दूरस्थ शिक्षा निदेशालय की ओर से संचालित बी.एड. (नियमित) का 15वां स्थापना दिवस शनिवार को पौधारोपण, व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया।बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष सह स्नातकोत्तर मैथिली विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला हैं। शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या, पाठ्यक्रम और अधिसंरचना महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षक यदि इनका विवेकपूर्ण उपयोग छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए नहीं करता है तो ये सभी प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए विषय ज्ञान के साथ शैक्षिक कौशल एवं नवाचारी सोच भी आवश्यक है।
प्रो. मेहता ने कहा कि बी.एड. (नियमित) पिछले 15 वर्षों से इस प्रकार के अध्यापकों के निर्माण के लिए सतत प्रयास कर रहा है और इसमें काफी हद तक सफल रहा है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वह स्थापना काल से ही बी.एड. (नियमित) से जुड़े रहे हैं और इसके उतार-चढ़ाव को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि यहां से बी.एड. करने के बाद कई छात्र-छात्राएं स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए उनके विभाग में आते हैं और अपनी अलग पहचान बनाते हैं। उन्होंने संस्थान की पढ़ाई, अनुशासन एवं नियमितता की सराहना करते हुए कहा कि 15 वर्ष पूरे होने के बाद अब अगले 15 वर्षों के लिए योजनाएं बनायी जानी चाहिए।
विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार मिलन ने स्वागत भाषण में विभाग की 15 वर्षों की यात्रा का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक एवं कर्मियों के प्रयास से संस्थान ने अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने दावा किया कि सीटीईटी एवं एसटीईटी सहित शिक्षक नियुक्ति परीक्षाओं में बी.एड. (नियमित) के विद्यार्थियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है।
इससे पूर्व परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थापना दिवस समारोह के अंतिम चरण में छात्र-छात्राओं ने एकल एवं समूह नृत्य, गायन, मोनो एक्ट तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि वत्स ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रेशमा तबस्सुम ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन आकाश पुष्प एवं चित्रलेखा ने किया।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के अलावा बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी तथा पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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