पटना , सितंबर 05 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को देश के महान शिक्षाविद् और भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित शिक्षक दिवस समारोह, 2026 का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक को मिलाकर सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए अलग विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से प्रशिक्षण देने की दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट , गूगल एवं सर्वम एआई जैसी अग्रणी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से बिहार में आधुनिक एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग और गूगल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में बनारस हिन्दु यूनिवर्सिटी का सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
श्री चौधरी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह आधुनिक और त्वरित बनाने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य है कि मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर रिजल्ट जारी हो जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को अपने प्राप्तांक को लेकर आपत्ति है तो उसे 15 दिनों के अंदर निर्धारित स्लॉट में दोबारा परीक्षा देने का अवसर देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसी प्रकार इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों का रिजल्ट 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में सुधार को लेकर हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है। यह कमिटी परीक्षा में सुधार को लेकर सरकार को सुझाव देगी। सरकार उन सुझावों पर अमल करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम में देरी से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और नामांकन में परेशानी होती है। इसलिए परीक्षा व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने और सेंटरवार रिजल्ट जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि विद्यालय परीक्षा समिति इस दिशा में आवश्यक सुधार करे। उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हॉस्टल में रहनेवाले विद्यार्थियों के साथ-साथ घर से आने जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी लाइव ऑनलाइन शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थी रात 12 बजे भी ऑनलाइन शिक्षक की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे।
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