पटना , फरवरी 17 -- बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरकार प्रदेश में विभिन्न प्रकार के शिक्षकों की वेतन खासकर गृह किराया भत्ता की विसंगतियों को दूर करने का प्रयास कर रही है।
मंत्री श्री कुमार ने विधायक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)विधायक अजय कुमार के अल्पसूचित सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह सही है कि बिहार में तीन तरह के शिक्षक हैं और उनके वेतन, भत्ते और गृह किराया भत्ता में विसंगतियां हैं, लेकिन सरकार उसे दूर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार लोकसभा आयोग, विशिष्ट और नियोजित तीन तरह के शिक्षक हैं और उनके वेतन खासकर गृह किराया भत्ता से संबंधित विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पदस्थापित शिक्षकों को 30 प्रतिशत, टियर दो में 20, तीन में 10, चार में 7.5 और टियर पांच में 5 प्रतिशत गृह किराया भत्ता दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन श्रेणियों में आने वाले शिक्षकों की विसंगतियों जो दूर करने की कोशिश की जा रही है और करीब 90 प्रतिशत मामले सुलझा लिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की तादाद बड़ी है और करीब 5 लाख 87 हजार शिक्षको की समस्याओं का तुरंत समाधान संभव नही है। उन्होंने कहा कि कुछ विशिष्ट शिक्षकों के मामले में कागज से भी सम्बंधित समस्या सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार गम्भीर है और प्रत्येक मंगलवार को इस समस्या के समाधान के किये बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि शेष समस्याओं का समाधान शीघ्र निकाल लिया जायेगा।
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