पटना, जुलाई 31 -- बिहार के शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत शिक्षकों के समायोजन/समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऐच्छिक है और यह किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है। श्री तिवारी ने कहा कि केवल वही शिक्षक स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने आज विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तबादले को लेकर चल रही भ्रांतियों को दूर करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए उक्त वक्तव्य दिए। उन्होंने बताया कि स्थानांतरण के लिए शिक्षक कम से कम एक और अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकते हैं। शिक्षक द्वारा चुने गए विद्यालयों में से किसी एक विद्यालय में ही स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिए गए विकल्पों के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएग।

श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में एक लाख से अधिक अधिशेष (सरप्लस) शिक्षक हैं। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां इन शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके साथ ही राज्य सरकार प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका शुरू करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अधिशेष शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) के लिए शिक्षक अपने ही विषय और श्रेणी के शिक्षक के साथ आवेदन कर सकेंगे।

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