मुंबई , जुलाई 26 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं ने एक शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष देश में विदेशी शैली की अराजकता और तोड़फोड़ फैलाने की साजिश रच रहा है।

श्री शिंदे ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्रिय रुख की सराहना की और घोषणा की कि संसद में एक नया कानून पेश किया जाने वाला है। इस प्रस्तावित कानून में 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ-साथ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई का प्रावधान है।

केंद्र की परीक्षा अनियमितताओं के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के भीतर 47 अधिकारियों को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए एक व्यापक सीबीआई जांच चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रशासनिक संकट की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

श्री शिंदे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो प्रदर्शन एक गैर-राजनीतिक छात्र आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, उसे जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया गया। उन्होंने दावा किया कि हजारों प्रदर्शनकारियों को जानबूझकर प्रधानमंत्री आवास के आसपास के अति-सुरक्षित क्षेत्र की ओर ले जाया गया, जिससे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद स्थापित प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ।

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