नारायणपुर , मई 17 -- ) कभी गोलियों की गूंज, भय और नक्सली हिंसा की काली छाया में सिमटा छत्तीसगढ़ का बस्तर आज विकास, विश्वास और सुशासन की नई इबारत लिख रहा है। जिस धरती को कभी असुरक्षा, आतंक और नक्सलवाद की पहचान से जाना जाता था, वही बस्तर अब "नए भारत" के आत्मविश्वास, शांति और समृद्धि का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

जगदलपुर में 19 मई को आयोजित होने जा रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर के ऐतिहासिक पुनर्जागरण का राष्ट्रीय उद्घोष मानी जा रही है। देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री, वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष प्रतिनिधि और नीति निर्धारक शामिल होंगे। अमित शाह जी के बस्तर आगमन को लेकर पूरे संभाग में अभूतपूर्व उत्साह, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का माहौल है। वर्षों तक भय और हिंसा से जूझने वाला बस्तर आज गर्व के साथ देश को अपनी परिवर्तन गाथा सुनाने के लिए तैयार खड़ा है।

नारायणपुर विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, श्री शाह की रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनहितैषी सुशासन में बस्तर अब परिवर्तन के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी नक्सलियों की समानांतर सत्ता चलती थी, जहां शासन और प्रशासन की पहुंच लगभग समाप्त हो चुकी थी, वहीं आज विकास का तिरंगा पूरी मजबूती के साथ लहरा रहा है।

श्री कश्यप ने कहा कि अमित शाह ने बस्तर को केवल सुरक्षा अभियान का क्षेत्र नहीं माना, बल्कि यहां के आदिवासी समाज, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का संकल्प लेकर कार्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार की डबल इंजन व्यवस्था ने बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक विकास की रोशनी पहुंचाई है। आज अबूझमाड़, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जैसे क्षेत्र तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां कभी बंदूक और बारूद की दहशत थी, वहां अब सड़कों का जाल बिछ रहा है। जिन गांवों में वर्षों तक अंधेरा और भय पसरा रहता था, वहां आज बिजली पहुंच रही है, पेयजल योजनाएं आकार ले रही हैं, स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल बढ़ रही है और स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जिन क्षेत्रों में कभी सन्नाटा और असुरक्षा थी, वहां अब विकास की आवाज, आत्मविश्वास की ऊर्जा और नए भविष्य की उम्मीद दिखाई दे रही है।

श्री कश्यप ने कहा कि श्री मोदी जी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प को बस्तर की धरती पर साकार रूप मिलता दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के अटूट विश्वास ने बस्तर में ऐतिहासिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

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