गांधीनगर , फरवरी 17 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को 'मंथन बैठक' आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के 265.30 करोड़ रुपये के विभिन्न परियोजनाओं का ई-लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

श्री शाह के करकमलों से गुजरात की विभिन्न सहकारी संस्थाओं की कुल 265.30 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। प्रमुख परियोजनाएँ इस प्रकार हैं। श्री नर्मदा खांड उद्योग सहकारी मंडली द्वारा 40 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा जिले के नांदोद में निर्मित इथेनॉल डिस्टिलरी प्लांट का लोकार्पण, इसी संस्था द्वारा 135 करोड़ रुपये की लागत से 30 मेगावाट पावर को-जनरेशन प्लांट का लोकार्पण। आठ करोड़ रुपये की लागत से ऑर्गेनिक पोटाश प्लांट का लोकार्पण।

अमूल (खेड़ा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ) द्वारा आनंद के खातराज में 40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वेयरहाउस का लोकार्पण, अमूल द्वारा ही 35 करोड़ रुपये की लागत से वे प्रोटीन कंसंट्रेशन पाउडर प्लांट का लोकार्पण।

अमरेली के सावरकुंडला एपीएमसी में 3.67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बड़े वेयरहाउस का शिलान्यास और पाटन एपीएमसी में 3.63 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बड़े वेयरहाउस का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने सहकार क्षेत्र में विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों तथा "अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025" पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट का भी विमोचन किया।

महात्मा मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश की लगभग 20 अग्रणी सहकारी संस्थाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।

प्रदर्शनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), अमूल, इफको और बनास डेयरी जैसी संस्थाओं ने अपनी आधुनिक सेवाओं एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही एनएफडीबी, एनसीईएल, बी बी एस एस एल और एनसीओएल जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं सहित कुल 78 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साथ ही प्राकृतिक कृषि एवं ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु विशेष स्टॉल भी लगाए गए।

महात्मा मंदिर में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के सहकारी ढांचे को और अधिक सशक्त बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना तथा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना था। बैठक के दौरान मंत्रियों ने तकनीक के उपयोग, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

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