बैतूल , सितंबर 24 -- मध्यप्रदेश में बैतूल के शाहपुर नगर परिषद में आवासीय पट्टों और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अध्यक्ष और पार्षदों के बीच विवाद सामने आया है। पांच पार्षदों ने वर्ष 2024-25 में जारी आवासीय पट्टों तथा उनके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया की जांच की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। वहीं, वर्ष 2016 में तत्कालीन ग्राम पंचायत द्वारा गरीब परिवारों को दिए गए आवासीय पट्टों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

कलेक्टर को सौपे गये ज्ञापन पर वार्ड तीन की पार्षद एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष नीतू गुप्ता, वार्ड नौ की इंद्रा कापसे, वार्ड छह के अंकुर राठौर, वार्ड 14 की फूलवती यादव और वार्ड सात के गुड्डा उमेश बागड़े के हस्ताक्षर हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 में पट्टे जारी करने और प्रधानमंत्री आवास की सूची में नाम शामिल करने में नियमों की अनदेखी तथा पक्षपात किया गया। उन्होंने अध्यक्ष के वार्ड और उनके परिचितों एवं समर्थकों को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

ज्ञापन में पट्टा आवेदनों, पात्रता, भूमि और दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर पीएम आवास स्वीकृति तक की जांच, अपात्र लोगों से राशि वसूली तथा जांच पूरी होने तक संदिग्ध मामलों की अगली किस्त रोकने की मांग की गई है।

वहीं, 27 सितंबर 2016 को तत्कालीन ग्राम पंचायत शाहपुर की सरपंच संगीताबाई उइके द्वारा भूमिहीन गरीब परिवारों को दिए गए आवासीय पट्टे भी विवाद के केंद्र में हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार बरबतपुर पटवारी हल्का क्रमांक 37 की विभिन्न भूमियों पर 600 से 875 वर्गफुट तक के भूखंड आवंटित किए गए थे। इन पट्टों में पांच वर्ष के भीतर मकान बनाने और दस वर्ष तक भूमि हस्तांतरित नहीं करने की शर्त दर्ज थी।

स्थानीय स्तर पर इन पुराने पट्टों को राजनीतिक खींचतान से जोड़कर आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले एक पार्षद के पीएम आवास से जुड़े निर्माण को लेकर भी आरोप सामने आए हैं, जिसकी जांच की मांग की गई है।

नगर परिषद की पीएम आवास योजना शहरी 2.0 की बीएलसी सूची में दर्ज हितग्राहियों की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की मांग भी उठी है। अब प्रशासनिक जांच से ही स्पष्ट होगा कि आवासीय पट्टों और पीएम आवास योजना में नियमों का पालन हुआ या नहीं।

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