बैतूल , अगस्त 27 -- मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दो मामलों में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने शाहपुर स्थित शासकीय आईटीआई को परम फाउंडेशन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया रोकने तथा चोपना ग्राम पंचायत की 58 दुकानों से जुड़े अतिक्रमण प्रकरण निरस्त कराने का आग्रह किया।

श्री धुर्वे ने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में बताया कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में संचालित आईटीआई घोड़ाडोंगरी को वर्ष 2023 में परम फाउंडेशन को हस्तांतरित किया जा चुका है। अब शाहपुर आईटीआई को भी इसी संस्था को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका प्रशिक्षणार्थियों और उनके पालकों द्वारा विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले से एक आईटीआई का चयन किया जाना है तथा तीन या उससे कम ट्रेड, कम प्रवेश और कम प्लेसमेंट वाले संस्थानों को प्राथमिकता दी जानी है। ऐसे में आदिवासी विकासखंड शाहपुर की शासकीय आईटीआई को निजी गैर-लाभकारी संस्था को सौंपना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की।

श्री धुर्वे ने चोपना के 58 दुकानदारों का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 102 की 0.960 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1964 से 1990 तक पुनर्वास विभाग के अधीन थी। वर्ष 1988 में पंचायत और पुनर्वास विभाग की सहमति से यहां 58 दुकानों का निर्माण कराया गया था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में पुनर्वास परियोजना के सामान्यीकरण के बाद बाजार का उचित मद में हस्तांतरण नहीं हो सका। अब इन दुकानों को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बाजार को संरक्षित रखते हुए दुकानदारों के विरुद्ध दर्ज अतिक्रमण प्रकरण निरस्त कराने का आग्रह किया।

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