भीलवाड़ा , मार्च 19 -- राजस्थान में नवसंवत्सर के पावन अवसर पर शाहपुरा में आयोजित धर्मसभा और कलश यात्रा के दौरान छिंदवाड़ा से पधारी प्रखर वक्ता साध्वी सरस्वती ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से शाहपुरा का नाम बदलकर 'रामस्नेही नगर' करने का अनुरोध किया है।

हिंदू नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए साध्वी सरस्वती ने कहा कि 'शाहपुरा' नाम में प्रयुक्त 'शाह' शब्द हमारी गौरवशाली परंपरा और संस्कृति से मेल नहीं खाता। उन्होंने तर्क दिया, " यह भूमि किसी शाहजहां की नहीं, बल्कि रामभक्तों और रामस्नेही संप्रदाय की पावन धरा है। यहां की धार्मिक पहचान को देखते हुए इसका नाम रामस्नेही नगर करना ही न्यायोचित होगा। "अपने ओजस्वी संबोधन में साध्वी ने महिलाओं की आत्मरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में हर माता-बहन को शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र का ज्ञान होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, " खाना बनाना आये या न आसे, लेकिन अपनी रक्षा के लिए तलवार चलाना जरूर आना चाहिए। "साध्वी सरस्वती ने देश के भीतर छिपे 'जयचंदों' से सावधान रहने का आह्वान करते हुए समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। इससे पूर्व, शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों, डीजे की धुन और हाथों में लहराते भगवा ध्वजों के साथ पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत गोमाता पूजन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।

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