शाहजहांपुर , जुलाई 21 -- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस वार्ड में प्रशिक्षु नर्सों के साथ मारपीट के चर्चित प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। नर्सों की शिकायत पर मरीज पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब मरीज पक्ष की तहरीर पर भी दो महिला अस्पताल कर्मियों के विरुद्ध मारपीट और उपचार में कथित लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने मंगलवार को बताया कि मदनापुर थाना क्षेत्र के महियावर गांव निवासी विजय प्रताप सिंह 17 जुलाई को अपनी पुत्री लता सिंह की डायलिसिस कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। उनकी शिकायत के अनुसार पहले बेड नंबर-1 आवंटित किया गया, लेकिन बाद में बेड नंबर-4 पर डायलिसिस शुरू की गई। आरोप है कि डायलिसिस के दौरान मरीज की तबीयत बिगड़ने पर विरोध करने पर दोनों महिला कर्मियों ने डायलिसिस की सुई निकाल दी और मरीज के साथ मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गई।

उन्होंने बताया कि इसी घटना के बाद डायलिसिस वार्ड में विवाद बढ़ गया था। प्रशिक्षु नर्सों ने आरोप लगाया था कि मरीज के परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने वार्ड में घुसकर नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की, बाल खींचे तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले में चौक कोतवाली पुलिस ने मरीज के पिता-पुत्र सहित 20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

श्री दीक्षित ने बताया कि विजय प्रताप सिंह की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस वार्ड की दो महिला कर्मियों, अनुष्का और अल्का, के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में मारपीट तथा उपचार में कथित लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष ढंग से की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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