शाहजहांपुर , अगस्त 30 -- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में नगर निगम के पार्षदों द्वारा हाथ में जल लेकर भ्रष्टाचार की रकम को बराबर बराबर बांटने की शपथ लेने का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा महानगर अध्यक्ष के नोटिस के जवाब में पार्षदों ने कहा है कि पुराने वीडियो को काट छांटकर छवि धूमिल करने के लिए विपक्षी पार्षद ने इसे वायरल किया है।

नगर निगम पार्षदों का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर वायरल होने के बाद भाजपा की फजियत शुरू हो गई जिसके बाद भाजपा महानगर अध्यक्ष ने लगभग 10 पार्षदों को नोटिस जारी करके तीन दिन में जवाब मांगा गया था जिसके बाद 7 पार्षदों ने अपना पक्ष शनिवार रात तक भेज दिया है तीन पार्षद पति थे इसलिए उन्हें नोटिस नहीं भेजा गया था।

भाजपा महानगर इकाई की अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने रविवार को कहा है कि वीडियो में देख रहे कुछ पार्षद पति भी हैं ऐसे में उन्हें नोटिस जारी नहीं किए गए थे 7 लोगों ने इस मामले में अपना जवाब भेजा है जिसमें पार्षदों ने कहा है कि यह वीडियो 1 साल पुराना है तथा एक होटल में पार्षदों की बैठक का है।

उन्होंने कहा कि पार्षदों का कहना है कि वह लोग अक्सर बार्डो के विकास हेतु बैठक का आयोजन करते हैं तथा बैठक में ईस्ट मार्क कंपनी द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई थी तथा यह कहा गया था कि नगर निगम से विकास के लिए राज्य वित्त आयोग से आए बजट को सभी वार्डों में बराबर बराबर धनराशि बंटी जाए।

गुप्ता ने कहा कि जवाब में कहा गया है की वीडियो को काट छांट करके भाजपा से जुड़े पार्षदों की छवि को धूमिल करने के लिए वायरल कर दिया गया है इस बैठक में सभी दलों के पार्षद मौजूद थे।

शिल्पी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है कि क्या वास्तव में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और अगर ऐसा होता है तो कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसे पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

हालांकि वीडियो में जो भी पार्षद दिख रहे हैं वह भाजपा से जुड़े हैं ऐसे में विपक्षी दल सपा कांग्रेस इस मामले के विरोध में उतर आए इसके बाद भाजपा महानगर तथा मेयर ने नोटिस जारी किए थे इसी मामले से कुपित होकर एक मनोनीत पार्षद पूनम मेहरोत्रा ने अपना इस्तीफा भी नगर आयुक्त को सौंप दिया था।

इस मामले में नगर आयुक्त गुरबाणी ने कहा था की वीडियो नवंबर 2025 में बनाया गया था तब नगर आयुक्त का पद किसी अन्य अधिकारी के पास था।

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