शाहजहांपुर , अगस्त 20 -- उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना कांट क्षेत्र में 31 जुलाई को चर्चित गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर अली के घर पर प्रशासन द्वारा गुरुवार को बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दंगा नियंत्रण दस्ता के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने गुरुवार को बताया कि थाना कांट क्षेत्र में 31 जुलाई को समीर अली पर हिंदू युवक गौतम मौर्य की चाकू से गोदकर हत्या हत्या कर दी थी। घटना के बाद क्षेत्र में जाम लगाकर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस ने अगले दिन आरोपी समीर अली को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था।हत्याकांड के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में परिजनों ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी।
उन्होंने बताया कि नगरपालिका कांट द्वारा मकान को अवैध घोषित किया गया संबंधित मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं था, जिसके चलते नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो प्लाटून पीएसी, 50 पुरुष एवं महिला कांस्टेबल, करीब एक दर्जन उपनिरीक्षक के साथ दंगा नियंत्रण दस्ता और एम्बुलेंस को तैनात किया गया।आज प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और आरोपी के मकान को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके पर शान्ति व्यवस्था कायम है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि ये मकान अवैध रूप से बना था। नगरपालिका कांट द्वारा इसका सर्वे कराकर इनको एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें पंद्रह दिनों में नोटिस का जवाब देना था लेकिन इस अवधि के दौरान इन्होंने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया।इसके उपरांत नगर पालिका कांट द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मांग की गई थी। उप जिलाधिकारी सदर और पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर के साथ भारी मात्रा में पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है।जोकि अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त करानें में पूरा सहयोग कर रही है ।अभी तक सारी कार्यवाही शांति पूर्ण चल रही है।मौके पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी भी है जोकि अपनी देखरेख में इस कार्यवाही को करा रहे है।
परिजनों का कहना है कि मकान में अन्य परिवार भी रह रहे हैं और उनका आरोपी की वारदात से कोई संबंध नहीं है।हालांकि, मकान में रहने वाले परिवार के लोगों का कहना है कि कार्रवाई आरोपी के खिलाफ होनी चाहिए, लेकिन पूरे मकान को गिराया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि संबंधित मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं था, जिसके चलते नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
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