शाहजहांपुर , अप्रैल 03 -- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक आंगनवाड़ी महिला कर्मचारी की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान कथित रूप से काम के दबाव के चलते बीमार होने और इलाज के दौरान मौत के मामले में नगर मजिस्ट्रेट ने जांच शुरू कर दी है।

महिला की मौत के बाद एंबुलेंस में मां के शव के पास बैठकर उसकी बेटी ने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अधिकारियों पर उत्पीड़न तथा एसआईआर को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शाहजहांपुर में रहने वाली प्रीति शंखवार (42) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थी और उनसी ड्यूटी एसआईआर में लगी थी। इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय बुधबार को उनकी रास्ते में मौत हो गई थीमृतका की बेटी ने वायरल वीडियो में रोते हुए कहा, "मेरी मां की छोटी सी नौकरी में इतना परेशान किया गया। उनकी एसआईआर में ड्यूटी लगाई गई और उन्हें विभाग का भी काम कराया जा रहा है। हम तथा हमारी मम्मी जब जिला कार्यक्रम अधिकारी से मिली तो उन्होंने हमारी मां तथा हमें काफी हड़काया।"उसने कहा, " मम्मी से कहा गया कि तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। तुम बहुत चालू हो इसी बात को लेकर मेरी मां को टेंशन हो गई और वह बीमार हो गई जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है मृतका की बेटी का आरोप है कि मेरी मम्मी की जिंदगी अधिकारियों ने जहन्नुम बना दी थी।"नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले की वह जांच कर रहे हैं। अब तक जो जानकारी उन्हें मिली है, उसके अनुसार अब एसआईआर का काम काफी कम हो गया है तथा जो आरोप है उसके तहत मृतका का कोई भुगतान बाकी नहीं है।

उन्होंने बताया कि वह बीमार थी और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बाद में जिला चिकित्सालय में भर्ती हुई जहां से उन्हें लखनऊ के लिए भेजा गया था।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी ने कहा कि वायरल वीडियो में जो अभद्रता तथा उत्पीड़न का आरोप है, वह निराधार है। साथ ही मृतका का कोई भुगतान बाकी नहीं है। रही बातें एसआईआर की तो उसमें लगे सभी कर्मचारियों से कहा जा रहा था और लगभग पंद्रह दिन पूर्व हमारे यहां काम काफी कम हो गया था।

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