हमीरपुर , अक्टूबर 24 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सदर तहसील में दो माह पहले दस मत्स्य जीवी सहकारी समिति के पट्टों की जांच दो महीने बाद पूरी हो गयी जिसमे शासनादेश का उल्लंघन करने पर जांच कमेटी ने शनिवार को पांच पट्टे निरस्त कर दिये है।
निरस्त पट्टों की नीलामी फिर से करायी जायेगी। पट्टा निरस्त होने के बाद विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है, मत्स्य विभाग के प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य सुनील कुमार ने शनिवार को बताया कि दो माह पहले मत्स्य विभाग व एसडीएम सदर ने दस मत्स्य पट्टों का आवंटन कर दिया था इसके बाद पट्टा धारक प्रेमचंद्र निषाद व जीतू निषाद ने आरोप लगाया था कि पट्टों का आवंटन शासनादेश के मुताबिक नही हुआ है इस मामले की शिकायत पट्टा धारकों ने जिलाधिकारी व कमिश्नर से की थी जिलाधिकारी ने मामले की जांच एडीएम वित्त राकेश कुमार व अतिरिक्त एसडीएम पैगाम हैदर को सौपी थी जांच में पाया गया कि पट्टा संख्या एक, दो, सात, आठ, दस का आवंटन गलत ढंग से किया गया है जिसमेे शासनादेश का खुला उल्लंघन किया गय है हालाकि यह फैसला एक माह पहले होना चाहिये।
पट्टाधारकों का कहना है कि जुलाई अगस्त सितम्बर अक्टूबर तीन माह तक उनका मत्स्य आखेट बंद रहा जिससे उनका लाखों का नुकसान हुआ है हालांकि जांच टीम ने जांच करने के बाद फाइल एसडीएम सदर को सौप दी थी मगर उसका पट्टाधारकों को इस मामले में कोई जानकारी नही दी गयी है। आज शिकायतकर्ताओं की जानकारी दी गयी और पट्टों का अनुमोदन कर दिया गया मत्स्य अधिकारी ने बताया कि जो तीन सहकारी समितियों को शामिल नही किया गया था उन तीनों समितियों को अगली नीलामी में शामिल कर लिया जायेगा।
यह मामला शासन व प्रशासन में चर्चा का विषय बना रहा है। मामला स्पष्ट होने के बाद पट्टा धारकों ने मत्स्य आखेट करना शुरु कर दिया है। पट्टा अनुमोदन होने के बाद अवैध मत्स्य आखेट भी बंद हो गया है जिससे रोजाना होने वाला विवाद खत्म हो गया है।
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