राजनांदगांव , अगस्त 08 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित शासकीय स्व .अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता का एक और नया उदाहरण पेश किया है। जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड (ट्यूमर) का सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई सौगात दी है।
इस संदर्भ में आज प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ट्यूमर ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड था, जो कि कैंसर रहित होता है। यह सामान्य फाइब्रॉयड की तरह गर्भाशय के भीतर न होकर, गर्भाशय के बाहर बाईं ओर स्थित था। इसका आकार लगभग 26 सप्ताह (साढ़े छह माह) के शिशु के समान अत्यंत विशाल था।
डॉ. आरमो ने बताया कि ट्यूमर के बेहद संवेदनशील क्षेत्र यानी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) तथा प्रमुख रक्त वाहिकाओं के पास स्थित होने के कारण यह सर्जरी बेहद जटिल एवं जोखिम भरी थी। मरीज की यूएसजी और सीटी स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय कैंसर की आशंका जताई गई थी, जिसके चलते 'स्टेजिंग लैप्रोटॉमी' की योजना बनाई गई थी। हालांकि, ऑपरेशन के दौरान पेट खोलने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह कैंसर नहीं बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने अत्यंत सावधानी और उच्च दक्षता का परिचय देते हुए ट्यूमर को सफलतापूप्र्वक बाहर निकाल लिया।
ऑपरेशन के उपरांत सुरक्षा की दृष्टि से गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय एवं ट्यूमर के नमूनों को हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। वर्तमान में मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह तेजी से रिकवर कर रही है।
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