चंडीगढ़ , अप्रैल 08 -- हरियाणा मंत्रिमंडल ने 'हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964' में संशोधन को मंजूरी देते हुए निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (साझा भूमि) से रास्ता देने की नीति लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
नये नियम 5ए के तहत, यदि किसी परियोजना तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं है, तो ग्राम पंचायत के 3/4 और ग्राम सभा के 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पास होने पर सरकार रास्ता तय कर सकेगी। यह रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और आम उपयोग के लिए खुला होगा।
इसके बदले परियोजना संचालक को परियोजना क्षेत्र के पांच प्रतिशत या रास्ते के लिए ली गई भूमि के चार गुना क्षेत्रफल में से जो अधिक हो, सरकार को देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे विकास परियोजनाओं में आ रही बाधाएं दूर होंगी और प्रक्रियाएं आसान होंगी।
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