दरभंगा, अप्रैल 03 -- ईसा मसीह के क्रूस (सलीब) पर चढ़ाए जाने और उनके बलिदान की याद में मनाया जाने वाला पुण्य शुक्रवार आज शांति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। गुड फ्राइडे को लेकर दरभंगा के कैथोलिक समुदाय के ईसाइयों ने शुक्रवार को दोनार स्थित स्थानीय होली क्रॉस स्कूल के प्रांगण से होली रोसरी कैथोलिक चर्च तक चौदह (14) मुकाम (स्थानों) की क्रूस यात्रा एवं झांकियां निकाली। क्रूस यात्रा में बड़ी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी महिला पुरुष एवं स्कूली बच्चों ने भाग लिया। यात्रा के पूर्व ईसाइयों ने प्रभु यीशु मसीह की कुर्बानी और बलिदान की चर्चा करते हुए प्रेम, सत्य, शांति, भाईचारे और विश्वास के मार्ग पर चलने का प्रण लिया।
पुण्य शुक्रवार के अवसर पर होली रोसिरी कैथोलिक चर्च में पवित्र क्रूस के पहुंचने पर उसकी विधि विधान से उपासना की गयी।
गोरखपुर से आये विशेष पल्ली पुरोहित फादर बेन्नी पॉल सी० एस० टी० ने प्रभु येसु के दुःखभोग का स्मरण और शब्द समारोह (प्रार्थना सभा) को संबोधित करते हुए प्रभु यीशु मसीह की कुर्बानी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि प्रभु ईसा मसीह प्रेम और शांति के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन ईसा मसीह ने मानवता के पापों के लिए अपने प्राण त्याग दिए थे। इसलिए इसे त्याग, प्रेम और क्षमा का प्रतीक माना जाता है। हालाँकि यह एक दुखद घटना थी, फिर भी इसे "गुड" (अच्छा) इसलिए कहा जाता है क्योंकि ईसा मसीह के बलिदान को मानवता के लिए उद्धार का मार्ग माना जाता है।
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