धर्मशाला , अगस्त 21 -- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने शुक्रवार को लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की केंद्र की मंज़ूरी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान होगी।

श्री शांता कुमार ने कहा कि समय पर न्याय मिलना ज़रूरी है और समय पर न्याय न मिलना भी अन्याय के बराबर है। उन्होंने इस फ़ैसले के लिए लद्दाख के लोगों को बधाई दी और कहा कि अब इस दूर-दराज़ इलाके के निवासियों के लिए उच्च न्यायालय तक पहुँचना आसान हो जायेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के लिए धर्मशाला में भी ऐसी ही उच्च न्यायालय की खंडपीठ बनाने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह राज्य भी पहाड़ी इलाका है और यहाँ का रास्ता मुश्किल है और मौसम भी बहुत खराब रहता है।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश का ज़िक्र करते हुए कहा कि कई सड़कें, रास्ते और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे यात्रा करना बहुत मुश्किल हो गया है। कांगड़ा और चंबा जैसे दूर के ज़िलों के लोगों को अक्सर शिमला में उच्च न्यायालय तक पहुँचने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कांगड़ा और चंबा शिमला से लगभग 400 किलोमीटर दूर हैं और सड़कों की खराब हालत न्याय चाहने वाले लोगों के लिए यात्रा को और भी मुश्किल बना देती है।

उन्होंने केंद्र से धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मांग पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है और केंद्र सरकार ने पहले इस पर विचार भी किया था।

श्री शांता कुमार ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि केंद्र सरकार इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार के सामने यह मुद्दा उठाएँ।

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