ग्वालियर , जून 07 -- वर्ष 1857 के स्वाधीनता संग्राम में बलिदान देने वाले हुतात्मा संतों की स्मृति तथा ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायनाचार्य पंडित सीताराम शरण दास जी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्वालियर में संगीत समारोह, श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।सिद्धपीठ श्री गंगादास की बड़ी शाला के श्रीमहंत पूरण वैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवक दास जी महाराज ने पत्रकारों को बताया कि कार्यक्रमों का आयोजन 10 से 18 जून तक लक्ष्मीबाई कॉलोनी पड़ाव स्थित बड़ी शाला परिसर में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बड़ी शाला भारतीय संत परंपरा और 1857 के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वीरगति प्राप्त करने के बाद तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत गंगादास जी महाराज ने उनकी पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया था। इस संघर्ष में 745 साधुओं ने भी अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
कार्यक्रम की शुरुआत 10 जून को सायं छह बजे रागायन संगीत समारोह, सरस्वती पूजन और गुरु पूजन के साथ होगी। समारोह में ग्वालियर घराने के वरिष्ठ कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी जाएंगी। विचित्र वीणा वादन, ख्याल गायन और गुरु वंदना कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर ग्वालियर घराने के वरिष्ठ ख्याल गायक पंडित महेशदत्त पाण्डेय को वर्ष 2026 का 'गायनाचार्य पंडित सीताशरण सम्मान' प्रदान किया जाएगा। समारोह की मुख्य अतिथि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु स्मिता सहस्रबुद्धे होंगी।
11 से 17 जून तक श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भागवताचार्य महंत मदनमोहनदास जी महाराज कथा वाचन करेंगे। यह आयोजन शहीद संतों की स्मृति को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम का समापन 18 जून को श्रद्धांजलि सभा के साथ होगा, जिसमें शहीद संतों और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
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