रामनगर,10फरवरी(वार्ता) कारगिल युद्ध के अमर शहीद और महावीर चक्र विजेता मेजर राजेश अधिकारी की मूर्ति आज तक रामनगर के लखनपुर स्थित शहीद पार्क में स्थापित न हो पाना स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शहीद पार्क में मेजर राजेश अधिकारी के नाम से चबूतरा तो बनाया गया है, लेकिन वर्षों बाद भी वहां केवल एक सरिया खड़ा है, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत की उपेक्षा का प्रतीक बन गया है।

इस स्थिति को लेकर रामनगर क्षेत्र के पूर्व सैनिकों में भारी रोष है। उनका कहना है कि यह केवल एक मूर्ति का मामला नहीं, बल्कि बलिदानी सैनिकों के सम्मान और स्मृति का प्रश्न है। पूर्व सैनिकों ने इसे शहीदों का खुला अपमान बताया है।

उल्लेखनीय है कि मेजर राजेश अधिकारी, 18 ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट के अधिकारी थे, जिन्होंने 30 मई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान द्रास सेक्टर की तोलोलिंग चोटी पर दुश्मन के कब्जे वाले बंकरों पर साहसिक हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक दुश्मन से मुकाबला किया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी अदम्य वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च सैन्य सम्मान "महावीर चक्र" से सम्मानित किया। उनके जीवन और शौर्य पर आधारित कई फिल्में भी बन चुकी हैं, जो देश-विदेश में सराही गईं।

उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग रामनगर एवं हेमपुर के अध्यक्ष सूबेदार मेजर नवीन चंद्र पोखरियाल ने बताया कि हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरिए के ऊपर अस्थायी रूप से राइफल और लोहे की टोपी रखकर औपचारिकता निभाई जाती है, जिन्हें कार्यक्रम के बाद हटा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार नगरपालिका से स्थायी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहीद पार्क में असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिमाओं के सामने गंदगी और पशुओं के अवशेष फेंके जाते हैं, जिससे शहीदों के परिजन और पूर्व सैनिक आहत होते हैं। जी-20 के दौरान शहीदों की प्रतिमाओं के सामने बड़ा विज्ञापन बोर्ड लगाए जाने का भी उन्होंने विरोध किया था, जिसे मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया।

पूर्व सैनिकों ने मांग की है कि मेजर राजेश अधिकारी की प्रतिमा शीघ्र स्थापित की जाए, सभी बलिदानी सैनिकों के स्मारकों का पुनर्निर्माण हो, सुरक्षा के लिए लोहे की जाली और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

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