गदरपुर , जुलाई 31 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शहीद-ए-आजम ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर शहीद ऊधम सिंह के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा एवं सरोपा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।

गदरपुर स्थित कंबोज धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ में भाग लिया, गुरबाणी का श्रवण किया तथा मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें एक साथ दो पावन अवसर प्राप्त हुए हैं। पहला श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ में सम्मिलित होकर गुरबाणी का श्रवण करने का और दूसरा भारत माता के अमर सपूत शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करने का।

उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अमर गाथा है। वर्ष 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड की पीड़ा को उन्होंने 21 वर्षों तक अपने हृदय में संजोए रखा और अंततः सात समंदर पार जाकर उस अन्याय का प्रतिकार कर पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान और अदम्य साहस का परिचय दिया।

श्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण की प्रेरणा देता है। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाएं मानवता, करुणा, सत्य, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा का संदेश देती हैं, जो पूरे समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सभी नागरिकों को शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

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