बिहारशरीफ़ , जुलाई 26 -- बिहार के ग्रामीण विकास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सह जनता दल यूनाइटेड (जदयू) विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कारगिल विजय की 27वीं वर्षगांठ पर कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।श्री कुमार ने 38वीं बिहार बटालियन एनसीसी की ओर से कारगिल पार्क में आयोजित 27वें विजय दिवस समारोह में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने कहा कि इन वीरों ने देश की आन-बान-शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 26 जुलाई 1999 का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। कारगिल के शहीदों का साहस आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और कर्तव्य का पाठ पढ़ाता रहेगा। सेना पर गर्व हमारे जवान हर मौसम,हर परिस्थिति में सीमा की रक्षा कर रहे हैं। पूरा देश उनके साथ है। शहीदों के परिवारों की देखभाल करना सरकार और समाज दोनों का कर्तव्य है। उनके बच्चों की शिक्षा और परिवार के कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम सब मिलकर एक सशक्त, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लें।

मंत्री श्री कुमार ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और बलिदान के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उनका त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए हरदेव प्रसाद की पत्नी वीरांगना मुन्नी देवी को एवं एनसीसी बटालियन में पदस्थापित आर्मी के जवानों को अंगवस्त्र भेंट कर मंत्री ने सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रप्रेम का पर्व है। उन्होंने कहा कि देशवासियों का कर्तव्य है कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

38 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राजेश बहरी ने कहा कि सैनिकों को समाज में मान और सम्मान मिले। देश की एकता और अखंडता शांति, सद्भाव, प्रेम और मिल्लत बनायें रखना चाहिए, यही शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि होगी। शहीद जवान के परिजनों को हर संभव मदद करना चाहिए उनके सुख-दुख में शामिल होना चाहिए।

इस अवसर पर 38 बिहार बटालियन एनसीसी के सूबेदार मेजर ललिनद्र टिग्गा, विशाल पाण्डेय, सुबेदार मदन सिंह मेहता, नरेंद्र शर्मा,गो बहादुर ऐली,रामा पठान,बी एच एम भीम बहादुर बुडढा, भीम बहादुर गलामी, हवलदार रोमन अधिकारी नवीनीत आनंद, हवलदार संजय कुमार, गणेश बीसी, रौशन श्रेष्टा, मुकुल कुमार, महंतेश गार्डर, नंदा वारला,लांसनायक राजन बुडढा, ऋषि थापा, डॉ. धनंजय देव, गुलरेज़ अंसारी, रजनीश कुमार सिंह,त्रिनयन कुमार, अमित कुमार, रिक्की सहित दर्जनों एनसीसी कैडेट उपस्थित थे।

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