चंडीगढ़, जून 18 -- पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने पांचवें सिख गुरु श्री गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिया गया अद्वितीय योगदान बताया।
श्री संधवां ने एक संदेश में कहा कि श्री गुरु अर्जन देव का जीवन शांति, मानवता, सहिष्णुता और निस्वार्थ सेवा का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध जो सर्वोच्च बलिदान दिया, वह विश्व इतिहास में अनुपम है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि श्री गुरु अर्जन देव दिव्य ज्ञान, करुणा और सहनशीलता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने मानवता को विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, धैर्य और प्रभु की इच्छा को स्वीकार करने का संदेश दिया।
श्री संधवां ने गुरु साहिब के ऐतिहासिक योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आदि ग्रंथ के संकलन का महान कार्य किया, जो आज भी मानवता को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब द्वारा अमृतसर में स्थापित श्री हरमंदिर साहिब विश्वभर में भाईचारे, समानता और सार्वभौमिक मानव एकता का प्रतीक है। गुरु अर्जन देव की शिक्षाएं आज भी समाज को प्रेम, शांति, सेवा और सद्भाव का मार्ग दिखाती हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक बेहतर और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें तथा सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यही गुरु साहिब की पवित्र स्मृति और उनकी अमर विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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