रायपुर , अक्टूबर 27 -- छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाईपी सिंह और उनके बेटे का दशहरा पर्व पर शस्त्र पूजा के दौरान कथित हर्ष फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो साझा करते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

श्री बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल वीडियो साझा करते हुए लिखा, "कानून के रखवाले ही जब कानून की धज्जियां उड़ाएंगे तो जनता की रक्षा कौन करेगा ?" उन्होंने सवाल किया कि एसपी के बेटे को फायरिंग करने का अधिकार किस आधार पर दिया गया और अब तक शस्त्र अधिनियम के तहत क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है।

इस विवाद को लेकर मोहला-मानपुर के कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने भी पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों के लिए हथियारों का गलत इस्तेमाल करना अपराध है, तो पुलिस अधिकारियों के परिवार के सदस्यों के लिए अलग नियम कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि उनके परिवार के सदस्य ही नियमों का उल्लंघन करेंगे, तो इससे आम जनता के बीच गलत संदेश जाएगा।

श्री मंडावी ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह स्पष्ट करने को कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही फायरिंग कब और किन परिस्थितियों में की गई तथा इसके लिए किन हथियारों का उपयोग हुआ। विधायक ने जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने वायरल वीडियो को पुराना बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में है लेकिन यह हाल की घटना का नहीं है। आईजी के अनुसार, विजयादशमी के अवसर पर पुलिस विभाग में शस्त्र पूजा आयोजित की जाती है और इस दौरान हर्ष फायरिंग किए जाने की परंपरा भी रही है। उन्होंने कहा कि पुराने वीडियो को वर्तमान घटना के रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।

पुलिस प्रशासन की ओर से हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित वीडियो किस तारीख का है, फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई थी और इस संबंध में किसी प्रकार की जांच अथवा कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के दौरान राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा का एके-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो पर नकारात्मक टिप्पणियां सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने भी उस फायरिंग के तरीके पर सवाल उठाते हुए आठ बिंदुओं में गलतियां बताई थीं।

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