कोलकाता , अप्रैल 26 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बनगांव में मतुआ समुदाय के बीच पहुंचकर शरणार्थियों को नागरिकता की गारंटी दी और घुसपैठ पर कड़ा रुख अपनाते हुए अवैध घुसपैठियों को चार मई के बाद देश छोड़ने या कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी।
प्रधानमंत्री ने मतुआ समुदाय और बंगलादेश से आए शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पूर्ण अधिकार देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहता हूँ, प्रत्येक शरणार्थी को नागरिकता मिलेगी। आपको स्थायी पता, हर आवश्यक दस्तावेज और वे सभी अधिकार मिलेंगे जो प्रत्येक भारतीय नागरिक को मिलते हैं। यह मोदी की गारंटी है। लेकिन आपको तृणमूल के झूठ से सतर्क रहना चाहिए।"पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच मतुआ मतदाताओं में नागरिकता और मतदान के अधिकारों को लेकर उपजी चिंताओं को दूर करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जनसंघ हमेशा पूर्वी बंगाल के शरणार्थियों के साथ खड़ा रहा। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी शरणार्थियों की आवाज थे। बंटवारे से लेकर अब तक, हर शरणार्थी परिवार की देखभाल करना भारत की ऐतिहासिक जिम्मेदारी रही है। इसीलिए मैंने सीएए लागू किया।"घुसपैठ पर अपना हमला तेज करते हुए प्रधानमंत्री ने कड़ी चेतावनी दी, "मैं राज्य में रह रहे सभी घुसपैठियों को चेतावनी देता हूँ-चार मई से पहले देश छोड़ दें, अन्यथा आपको जाने के लिए मजबूर किया जाएगा। 29 अप्रैल से पहले अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोग चले जाएं। चार मई के बाद हर घुसपैठिये की पहचान की जाएगी। तृणमूल किसी को नहीं बचा पाएगी।"श्री मोदी ने जारी चुनावों पर दावा किया कि पहले चरण ने तृणमूल का अहंकार तोड़ दिया है और दूसरे चरण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत निश्चित है। उन्होंने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 साल पहले वे 'मां, माटी, मानुष' की बात करके सत्ता में आए थे, लेकिन अब उनके अत्याचारों के कारण माताएं रो रही हैं, माटी माफियाओं और घुसपैठियों को सौंप दी गई है और मानुष को इसे छोड़ने पर मजबूर किया गया है।
उद्योग और शासन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बनगांव से बैरकपुर तक कभी जूट मिलों का जाल था, लेकिन आज केवल 'सिंडिकेट, कट मनी और कमीशन' की फैक्ट्रियां चल रही हैं। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के नारे की तर्ज पर कहा, "हमें अपना वोट दें और हम तृणमूल के जंगलराज, डर, भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, बेरोजगारी और घुसपैठियों से आजादी देंगे।"महिला मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए श्री मोदी ने संदेशखाली की घटना का जिक्र किया और आरोप लगाया कि तृणमूल ने वहां की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने संदेशखाली की लड़ाई लड़ने वाली महिलाओं और आरजी कर पीड़िता की मां को टिकट देकर महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
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