कोलकाता , जून 13 -- पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों को लागू न करके राज्य के विकास को पूरी तरह बाधित किया है।

शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की इस लापरवाही और अनदेखी के कारण बंगाल ने विकास के बड़े अवसर खो दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप तेजी से बढ़ती कई बस्तियाँ आज भी अनियोजित शहरीकरण से जूझ रही हैं।

भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब राजनीति नहीं बल्कि वास्तविक विकास चाहती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में एक "डबल-इंजन सरकार" बेहतर योजना, पर्याप्त केंद्रीय वित्त पोषण और अत्याधुनिक तकनीक-संचालित शासन के माध्यम से विकास की रफ्तार को दोगुना कर सकती है।

अपनी पोस्ट में भाजपा अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण आंकड़े का जिक्र करते हुए लिखा कि साल 2016 में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के 780 जनगणना शहरों को शहरी प्रशासनिक निकायों के दायरे में लाने का एक व्यापक प्रस्ताव दिया था, ताकि वहां सुनियोजित तरीके से बुनियादी ढांचे को खड़ा किया जा सके। उनके अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केंद्रीय वित्तीय सहायता की बदौलत इन क्षेत्रों में सड़कों, जल निकासी प्रणालियों, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी नागरिक सेवाओं को मजबूत करना था।

श्री भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए लिखा, "राज्य सरकार द्वारा इस दूरगामी प्रस्ताव को कभी लागू ही नहीं किया गया। नतीजा यह है कि तेजी से फैल रहे ये अर्ध-शहरी इलाके आज भी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और अनियोजित विस्तार के दुष्परिणाम भुगत रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा कि केवल यही नहीं, बल्कि केंद्र की कई अन्य विकास परियोजनाओं को भी राज्य में जमीन पर उतरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण कई क्षेत्रों में आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे का भारी अभाव है।

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