श्रीनगर , मार्च 12 -- आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा चार जून 2019 को गिरफ्तार किये गये अलगाववादीनेता शबीर अहमद शाह की उच्चतम न्यायालय से जमानत मंजूर होने का जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वागत किया है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फैसले का स्वागत करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां निवारण कानून के तहत अब भी हिरासत में बंद अन्य लोगों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि श्री शाह के परिवार, विशेषकर उनकी पुत्री ने इस कानूनी लड़ाई को सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किये।

उन्होंने कहा कि शाह की पुत्री का संघर्ष इस बात को दर्शाता है कि न्याय पाने के लिए परिवारों को कितनी दृढ़ता से प्रयास करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे गरीब लोगों का क्या होगा जिनके पास उच्च न्यायालयों तक जाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और जो इस कानून के तहत अब भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

हुर्रियत के अध्यक्ष एवं कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने भी इस फैसले का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि अदालतें अन्य बंदियों को भी इसी भावना के साथ राहत देंगी। उन्होंने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर जेलों में बंद लोगों के परिवारों को भी राहत मिलेगी।

मीरवाइज़ ने कहा, " उच्चतम न्यायालय से लंबे समय तक जेल में रहने के बाद शब्बीर शाह साहब की ज़मानत मंजूर होने का स्वागत है। हमें पूरी उम्मीद है कि न्यायालय भी इसी भावना से जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर की जेलों में बंद सभी राजनीतिक कैदियों और युवाओं को राहत देगी, जिससे उनके परिवारों और जम्मू-कश्मीर के लोगों को खुशी मिलेगी। "सत्तारूढ़ जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम करार देते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला संवैधानिक ढांचे में न्यायिक प्रक्रिया और न्याय के सिद्धांत की महत्ता को रेखांकित करता है, तथा लंबे समय से हिरासत में रहने के बाद इससे शाह के परिवार को राहत मिलेगी।

जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शाह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उम्मीद है कि वह घर लौटकर अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे।

जेल में बंद सांसद इंजीनियर राशिद के पुत्र अबरार राशिद ने भी उम्मीद जतायी कि अन्य बंदियों को भी शीघ्र न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला उन कई परिवारों के लिए उम्मीद लेकर आया है, जो न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इस बीच, श्री शाह की पुत्री सहर शबीर ने फैसले पर राहत जताते हुए कहा कि बिना दोष सिद्ध हुए 39 वर्षों की कैद के बाद आज न्याय की दिशा में पहला कदम उठा है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा विश्वास था और आज वह विश्वास और मजबूत हुआ है।

शब्बीर शाह को 2019 में कथित आतंकवाद वित्तपोषण मामले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। लंबे समय से सक्रिय अलगाववादी नेता शाह ने अपने जीवन के कई दशकों का समय विभिन्न अवधियों में जेल में बिताया है।

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