गोण्डा , जुलाई 15 -- ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक बार फिर तीखा हमला करते हुये उन्हें 'कालनेमि' की संज्ञा दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
शंकराचार्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जो व्यक्ति ऊपर से संत और योगी का भगवा चोला धारण करे, लेकिन भीतर से उसका आचरण अलग हो, उसे कालनेमि ही कहा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एक ओर गाय को माता बताते हैं, जबकि दूसरी ओर उनकी सरकार में गौहत्या, मांस की बिक्री और तस्करी की घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में "कलाकारों" को जानबूझकर स्थान दिया गया और दान के धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में सुनियोजित तरीके से कार्य किया गया। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा अयोध्या प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं करने संबंधी प्रश्न पर शंकराचार्य ने कहा कि वह डरे हुए हैं, क्योंकि उनके अनुसार इस मामले में बड़े लोगों की भूमिका रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संबंधों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वह संत हैं और जब अखिलेश यादव उनसे क्षमा मांग चुके हैं तथा उनके धार्मिक अभियान का समर्थन कर रहे हैं, तो वह उनमें केवल धर्म देखते हैं।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि पाठक ने उन्हें नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही 'कालनेमि' कहा है।
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