मुंबई , अक्टूबर 25 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने स्वयंभू धर्मगुरु राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर को अपने व्यक्तित्व अधिकारों की कानूनी सुरक्षा और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले कथित ऑनलाइन सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दीवानी मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति अभय आहूजा ने पत्र भुगतान के खंड 12 के तहत उन्हें प्रस्तावित मुकदमा दायर करने की अनुमति दी। यह प्रावधान कुछ दीवानी मामलों की सुनवाई करने संबंधी अदालत के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है।

हाल ही में पारित आदेश में उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसका निर्णय केवल इस सवाल तक सीमित था कि प्रस्तावित मुकदमा उसके समक्ष दायर किया जा सकता है या नहीं। अदालत ने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन अथवा मानहानि से संबंधित उनके आरोपों के गुण-दोष पर कोई विचार नहीं किया।

राधे मां की ओर से पेश अधिवक्ता हसमित त्रिवेदी ने दलील दी कि वह उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में रहती हैं और इस क्षेत्र में आध्यात्मिक तथा धर्मार्थ गतिविधियां संचालित करती हैं।

वकील ने कहा कि विवादित ऑनलाइन सामग्री अदालत के क्षेत्राधिकार में आने वाले लोगों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने यह भी दलील दी कि गूगल सहित डिजिटल मंच मुंबई के उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करते हैं और इन सेवाओं से विज्ञापन के जरिए राजस्व अर्जित करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि कथित तौर पर इस सामग्री के प्रसार से अदालत के क्षेत्राधिकार में राधे मां की प्रतिष्ठा, साख और व्यक्तित्व अधिकार प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिवादी भारत से बाहर रहते हैं और संबंधित सामग्री वैश्विक स्तर पर प्रसारित की जा रही है। ऐसे में मामले में कार्रवाई का कारण (कॉज ऑफ एक्शन) कम से कम आंशिक रूप से उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में उत्पन्न हुआ है। मुकदमा दायर करने की अनुमति मांगने वाले आवेदन और प्रस्तावित वादपत्र की जांच करने के बाद उच्च न्यायालय ने उन्हें मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी।

राधे मां ने अपने नाम, तस्वीर और व्यक्तित्व की पहचान से जुड़ी छवि के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मानहानिकारक होने का आरोप लगाई गई सामग्री को हटाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। मामले में आरोपों और प्रतिवादियों के खिलाफ मांगी गयी राहत सहित मूल विवाद पर अदालत कार्यवाही के अगले चरण में विचार करेगी।

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