चंडीगढ़ , अक्टूबर 25 -- कांग्रेस की अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रभारी रजनी पाटिल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बताया।
वह सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं।
सुश्री पाटिल ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने 13.39 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे, लेकिन कथित घुसपैठियों के संबंध में विश्वसनीय जानकारी नहीं दी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही तय करने और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से कथित वोट हेरफेर का मुद्दा उठा रहे हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोटों से संबंधित कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली गई और हरियाणा की मतदाता सूचियों में लगभग 25 लाख प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाए गए।
विधायक आर.एस. बाली ने आरोप लगाया कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। वहीं, चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने कहा कि अभियान को सभी 35 नगर निगम वार्डों में पहुंचाया जाएगा। कार्यकर्ता मतदाताओं को जागरूक करने के साथ पात्र नागरिकों को सूची में गड़बड़ी मिलने पर शिकायत दर्ज कराने में मदद करेंगे।
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