नयी दिल्ली , जून 25 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नये माल परिवहन स्रोतों को आकर्षित करने, ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने तथा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रेल की हिस्सेदारी में वृद्धि करने के लिए अगले 15 दिनों के भीतर नयी वैगन डिज़ाइन नीति जारी करने के निर्देश दिये हैं।

श्री वैष्णव ने गुरुवार को यहां वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें भारतीय रेल को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के लिए परिवहन का पसंदीदा माध्यम बनाने को लेकर चर्चा की गयी। बैठक में रेल राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना और श्री रवनीत सिंह बिट्टू, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के महानिदेशक, रेलवे बोर्ड के सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

रेलवे ने आज बताया कि भारतीय रेल इस दिशा में विभिन्न उद्योगों, व्यापारिक संगठनों तथा प्रमुख माल ग्राहकों के साथ विस्तृत परामर्श कर रही है। इन चर्चाओं के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि यदि वैगनों के डिज़ाइन को विभिन्न वस्तुओं की विशिष्ट हैंडलिंग, लोडिंग, अनलोडिंग तथा परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए, तो रेल परिवहन को अधिक व्यापक रूप से अपनाया जा सकता है।

बैठक में सीमेंट और नमक जैसी वस्तुओं के लिए हाल ही में विकसित विशेषीकृत वैगनों की सफलता पर भी चर्चा हुई, जिसने यह सिद्ध किया है कि उद्योगों की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप वैगनों का डिज़ाइन अत्यंत महत्वपूर्ण है। वस्तु-विशिष्ट वैगनों ने लोडिंग, अनलोडिंग तथा परिवहन प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाया है, जिससे रेल लॉजिस्टिक्स की आकर्षण क्षमता बढ़ी है।

रेलवे ने बताया कि इसी क्रम में भारतीय रेल ने वर्तमान वैगन डिज़ाइन नीति में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया है। बैठक के दौरान रेल मंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न वस्तुओं की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषीकृत वैगनों के विकास के लिए एक उद्योग-अनुकूल ढांचा प्रदान करने के लिए नयी वैगन डिज़ाइन नीति अगले 15 दिनों में जारी करने का निर्देश दिया।

रेलवे के अनुसार प्रस्तावित नीति के अंतर्गत उद्योग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप वैगनों का डिज़ाइन तैयार कर सकेंगे। उदाहरण के लिए स्टील कॉइल्स के परिवहन के लिए विशेष बाइंडिंग व्यवस्था और समर्पित लोडिंग-अनलोडिंग प्रणालियों की आवश्यकता होती है, जबकि अन्य अनेक वस्तुओं की भी अपनी विशिष्ट परिचालन आवश्यकताएँ हैं। नयी व्यवस्था के तहत उद्योगों को अपनी जरूरतों के अनुसार वैगनों के डिज़ाइन में परिवर्तन करने की सुविधा उपलब्ध होगी। वैगनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आरडीएसओ तथा सीसीआरएस की रहेगी। इन सुधारों से भारतीय रेल के साथ अनेक नए उद्योगों के जुड़ने की संभावना बनेगी। यह सुधार रेलवे माल परिवहन तंत्र तथा वैगन विकास में नवाचार को बढ़ावा देगा। वस्तु-विशिष्ट परिवहन समाधान उपलब्ध कराकर भारतीय रेल नये माल परिवहन स्रोतों को आकर्षित करने, ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने तथा राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रेल की हिस्सेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

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