नयी दिल्ली , अगस्त 13 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को रेलवे वॉर रूम के कामकाज के बारे में अवगत कराया और बताया कि किस तरह से इसके माध्यम से ट्रेनों की आवाजाही और देर से चलने वाली ट्रेनों का पता लगाने, भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने का काम किया जाता है।

श्री वैष्णव ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह इन दोनों मंत्रियों को बताते हुए नजर आ रहे हैं रेलवे के कर्मचारी किस तरह से वॉर रूम से रेलवे की हर गतिविधियों पर नजर रखते हैं और उसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों को वीडियो के माध्यम से बताया कि वॉर रूम रेलवे गतिविधियों पर नज़र रखने और समय पर कार्रवाई में मदद करने के लिए स्टेशनों के लाइव फ़ीड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली और कार्य संबंधी डेटा का इस्तेमाल कैसे करता है। वॉर रूम रेलवे स्टेशनों के लाइव फ़ीड संग्रहित करता है, जिसमें प्लेटफ़ॉर्म, फ़ुट-ओवर ब्रिज और स्टेशन के बाहर के इलाके शामिल हैं।

उन्होंने श्री रिजिजू और डॉ. मंडाविया को बताया कि नयी दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन जैसे स्टेशनों के लाइव फ़ीड की एक निर्धारित जगह से निगरानी की जा सकती है। साथ ही अधिकारी किसी विशेष जगह को ज़्यादा बारीकी से देखने के लिए अलग-अलग कैमरा फ़ीड को ज़ूम भी कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि यह प्रणाली कमांड पर प्रतिक्रिया दे सकती है और किसी विशेष जगह पर क्या हुआ, इसके बारे में जानकारी दे सकती है, जिससे अधिकारियों को घटनाओं को तेज़ी से समझने में मदद मिलती है।

रेल मंत्री ने बताया कि व्यस्त समय, त्योहारों और ज़्यादा लोगों की आवाजाही वाले मौकों पर वॉर रूम का इस्तेमाल स्टेशनों पर गतिविधियों पर नज़र रखने और यात्रियों की बदलती आवाजाही पर नज़र रखने के लिए किया जा सकता है।

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