भोपाल , अक्टूबर 24 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में सतना-देवेंद्रनगर एवं रीवा-चुरहट नई रेल लाइनों का शनिवार को उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल थे।
रीवा से चुरहट तक लगभग 65 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण लगभग 1,070 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इस रेलखंड के अंतर्गत रामपुर नैकिन से चुरहट तक लगभग 22.5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया गया है। इसी तरह सतना से देवेंद्रनगर तक लगभग 53 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण लगभग 873 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।इस रेलखंड के अंतर्गत फुलवारी से देवेंद्रनगर के बीच अंतिम 8 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ परियोजना पूरी हो गयी है।
रेल मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इन रेल लाइनों का चालू होना विंध्य क्षेत्र में रेल यातायात एवं परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। श्री वैष्णव देवेंद्रनगर-चुरहट खंड पर यात्री रेल सेवा के उद्घाटन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए । चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा, सीधी के सांसद राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इसी तरह नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना के सांसद गणेश सिंह, खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा तथा कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रेल मंत्री ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में एक नई जीवनरेखा स्थापित की जा रही है। यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी तथा क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाएगी। श्री वैष्णव ने देशभर में रेलवे संपर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ में रावघाट और मध्य प्रदेश में टांडा रोड को हाल ही में रेल नेटवर्क से जोड़ने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया।
श्री वैष्णव ने कहा है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के अंतर्गत देवेंद्रनगर-सतना और रीवा-चुरहट रेलखंडों पर रेल परिचालन शुरू होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों का संपर्क और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग एक लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत ललितपुर-सिंगरौली, सतना-रीवा, कटनी-सिंगरौली, जबलपुर-गोंदिया, बीना-भोपाल-इटारसी, इटारसी-नागपुर, रतलाम-खंडवा, इंदौर-बुधनी, इंदौर-दाहोद और इंदौर-मनमाड़ जैसे रेलखंडों पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर आने वाले वर्षों में राज्य से 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें तथा मेमू और इंटरसिटी जैसी 50 से 60 छोटी दूरी की रेल सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।
राज्य के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों को भी पुनर्विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। खजुराहो स्टेशन को मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अशोकनगर, बालाघाट, व्यौहारी, नैनपुर, नर्मदापुरम, छतरपुर, ओरछा, शिवपुरी, हरपालपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित कई स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं।
रेल परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने अन्ना क्षेत्र में काटे गये पेड़ों की संख्या से अधिक पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्रों के लिए एक नई शुरुआत है, जिससे उन क्षेत्रों में रेल सेवाएँ पहुँच रही हैं, जो अब तक रेल संपर्क से वंचित थे। उन्होंने इस अवसर को क्षेत्र के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया।
डॉ. यादव ने कहा कि 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेलवे परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को मजबूत करेगी, जिससे ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली क्षेत्रों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुँच मिलेगी, उद्योगों के लिए माल परिवहन सुगम होगा, युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अवसर सृजित होंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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