रामनगर/नयी दिल्ली , जुलाई 18 -- उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र को सीधी ट्रेन के जरिये गढ़वाल क्षेत्र से जोड़ने की स्थानीय लोगों की मांग शनिवार को पूरी हो गयी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रामनगर में हरी झंडी दिखाकर रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना किया। इस मौके पर पौड़ी सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत, स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट भी मौजूद थे।

यह रामनगर को देहरादून से जोड़ने वाली पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन है। यह ट्रेन हर बुधवार और शुक्रवार को चलेगी। ट्रेन संख्या 15310 रामनगर से सुबह 05:50 बजे चलेगी और अपराह्न 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में ट्रेन संख्या 15309 देहरादून से अपराह्न 15:55 बजे चलेगी और रामनगर रात 23:30 बजे पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार में रुकेगी।

रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से उत्तराखंड के नैनीताल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के निवासियों को काफी फायदा होगा। इस ट्रेन सेवा से विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और सभी वर्गों के लोग लाभान्वित होंगे। इस ट्रेन से लोगों को देहरादून और हरिद्वार के लिए एक ही दिन में आने-जाने की सुविधा प्राप्त होगी।

रेलवे ने कहा कि इस ट्रेन से इलाके में पर्यटन और तीर्थयात्रा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, रामनगर के पास कोसी नदी के बीच एक बड़ी चट्टान पर स्थित गिरिजा देवी मंदिर और सीतामढ़ी/सीतावानी जैसे प्राचीन धार्मिक स्थलों तक सम्पर्क बेहतर होगा। इसके अलावा, यात्रियों के लिए हरिद्वार और देहरादून से आगे के सम्पर्क के ज़रिए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित चार धाम तीर्थयात्रा सर्किट तक पहुँचना ज़्यादा सुविधाजनक होगा।

इस मौके पर श्री वैष्णव ने कहा कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच रेल सम्पर्क को मजबूत करेगी। यह इन दोनों शहरों के बीच पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन है और इससे उत्तराखंड के लोगों को तेज, अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद रेल सम्पर्क मिलेगा।

उन्होंने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को फीडर स्टेशन के तौर पर विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि हरिद्वार स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को एक फीडर स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि अतिरिक्त क्षमता बनाई जा सके और हरिद्वार तथा ऋषिकेश आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा मिल सके।

रेल मंत्री बताया कि उत्तराखंड में रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 11 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, किच्छा, कोटद्वार, रुड़की, काठगोदाम, लालकुआं जंक्शन, रामनगर और टनकपुर शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार और देहरादून स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना इस तरह बनाई जा रही है कि गरीब और मध्यम वर्गीय यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और भीड़ भी न बढ़े। उन्होंने बताया कि हाल ही में शुरू की गई टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस को अच्छा प्रतिक्रिया मिली है और इस क्षेत्र में वंदे भारत सेवाएं भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

वहीं श्री धामी ने कहा कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस की शुरुआत उत्तराखंड में रेल सम्पर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने नयी ट्रेन सेवा शुरू होने पर राज्य के लोगों को बधाई दी और इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्री वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में उत्तराखंड में रेल सम्पर्क में काफी सुधार हुआ है और राज्य भर में कई नयी ट्रेन सेवाएं शुरू की गयी हैं। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर काम तेजी से चल रहा है और यह उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए लाइफलाइन साबित होगी।

श्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड को रेलवे बजट में 4,769 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन मिला है। राज्य में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाएं अभी चल रही हैं। हरिद्वार में रेलवे के कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री कहा कि आने वाले कुंभ को ध्यान में रखते हुए कई अवसंरचना परियोजनाएं और ट्रेन सेवाओं की योजना बनाई जा रही है।

श्री बलूनी ने रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन की सेवा शुरू होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्री वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नयी रेल सेवा पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, रोज़गार और आम लोगों की यात्रा को नयी गति देगी और उत्तराखंड के विकास को और मज़बूत करेगी। अब रामनगर पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक होगा और यहाँ के युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

इस ट्रेन में एक लगेज कोच, सामान्य द्वितीय श्रेणी के तीन, शयनयान श्रेणी के तीन, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का एक, वातानुकूलित कुर्सीयान का एक, सामान्य द्वितीय श्रेणी कुर्सीयान के चार और एक एलएसएलआरडी कोच लगेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित