मैसूर , अप्रैल 03 -- देश में मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाने के अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को इसका खुलासा करते हुए बताया कि भारतीय तकनीक से विकसित बाजरे के व्यंजन अब मैकडॉनल्ड्स जैसी अंतरराष्ट्रीय फूड चेन में ग्राहकों को परोसे जा रहे हैं।

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. सिंह ने यहां स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) में देश के पहले समर्पित 'बाजरा उत्कृष्टता केंद्र' के दौरे के दौरान यह जानकारी दी। वह यहां एक 30 कमरों वाले छात्रावास की आधारशिला रखने के अवसर पर आयोजिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। एक वर्ष में तैयार होने वाले इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 50 प्रशिक्षुओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों के रहने व भोजन की व्यवस्था होगी।

संस्थान की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बाजरा उत्कृष्टता केंद्र ने पारंपरिक अनाजों को लोहे और प्रोटीन से भरपूर आधुनिक उत्पादों में बदलने का सफल मॉडल पेश किया है। यहाँ विकसित तकनीक से बाजरा आटे की 'मियाद' एक महीने से बढ़कर दस महीने तक हो गई है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से समर्थित यह केंद्र प्रतिदिन 60-70 टन सफाई और 12-15 टन मिलिंग की क्षमता रखता है, जो स्टार्टअप्स और किसानों को बाजार-तैयार उत्पाद बनाने में सहायता करता है।

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