मुंबई , अप्रैल 05 -- बीते सप्ताह गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारकों के साथ रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।
निवेशकों की नजर फिलहाल मुख्य रूप से ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर बनी हुई है। इसका फिलहाल कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। इससे निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बैठक 06 अप्रैल को शुरू हो रही है। बैठक के फैसलों का भी बाजार पर असर दिखेगा।
पिछले सप्ताह 31 मार्च को महावीर जयंती और 03 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवकाश के कारण बाजार में तीन दिन ही कारोबार हुआ। इसमें सोमवार को प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट रही जबकि बुधवार और गुरुवार को प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स सप्ताह के दौरान कुल 263.67 अंक (0.36 प्रतिशत) टूटकर गुरुवार को 73,319.55 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 106.50 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 22,713.10 अंक पर रहा। मझौली कंपनियों का निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.82 प्रतिशत टूट गया जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहा।
बीते सप्ताह सेंसेक्स की 30 में से 17 कंपनियों के शेयर टूट गये। सनफार्मा में सबसे अधिक 5.62 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट रही। एनटीपीसी का शेयर 4.23 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट का 3.85, बजाज फिनसर्व का 3.18, भारती एयरटेल का 2.86, बजाज फाइनेंस का 2.13 और कोटक महिंद्रा बैंक का 2.13 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।।
पावरग्रिड का शेयर 1.88 प्रतिशत, एशियन पेंट्स का 1.72 और आईसीआईसीआई बैंक का 1.47 प्रतिशत टूट गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इटरनल, एक्सिस बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर लाल निशान में रहे।
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