चित्रदुर्ग , मई 03 -- केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर बढ़ते दबाव के बावजूद पूरे भारत में ईंधन वितरण स्थिर बना हुआ है।
श्री जोशी ने रविवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बदलती वैश्विक स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और पूरे देश में निर्बाध ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता देखने को मिलने के बावजूद, भारत का ईंधन आपूर्ति नेटवर्क सुचारू रूप से काम करता रहा है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, "गैस की कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रमों और विश्व स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़ी है। इन चुनौतियों के बावजूद, देश में ईंधन वितरण स्थिर बना हुआ है।"श्री जोशी ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए राज्य-स्तरीय कर को भी ज़िम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें तीन बार बढ़ाई हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर और बोझ पड़ा है।
केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी ईंधन और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के कारण पैदा हुए महंगाई के दबाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की लागत में और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया है।
मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) नेता वाइको ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की और दावा किया कि 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों, होटलों और खाना पकाने वाली गैस पर निर्भर छोटे व्यवसायों पर बुरा असर पड़ा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि फरवरी से अब तक वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1,380 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जो सिर्फ़ तीन महीनों में 81 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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