नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद देश में ऊर्जा संसाधनों , दवाओं और उर्वरक आदि की कमी नहीं है और सरकार स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में कहा कि देश में दवाओं और औषधियों की बिक्री कीमतों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है और औषधि के लिए आवश्यक कच्चे पदार्थों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, प्रमाणीकरण कोड आधारित डिलीवरी लगभग 92 प्रतिशत तक बढ़ी है और गत फरवरी के औसत 77,000 प्रतिदिन की तुलना में कल 1.06 लाख से अधिक फुल टैंक लोड (एफटीएल) सिलेंडरों की बिक्री हुई।

अधिकारियों ने बताया कि 18,000 से अधिक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) उपभोक्ताओं ने वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन वापस किये हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के ध्वज वाला एलपीजी पोत "ग्रीन आशा" होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित रूप से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण पर पहले ही पहुंच चुका है।

ईरान की राजधानी तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते 2,170 भारतीय नागरिकों जिनमें छात्र और मछुआरे शामिल हैं को भारत वापसी के लिए आवागमन की सुविधा प्रदान की है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण औषधीय कच्चे पदार्थों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न व्यवधानों का संज्ञान लिया है, जो विशेष रूप से विलायकों और सक्रिय औषधीय अवयवों को प्रभावित कर रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद देश में दवाओं और औषधियों की बिक्री कीमतों में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई है। औषधि उद्योग को समर्थन देने तथा आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग ने 40 पेट्रो-रासायनिक उत्पादों पर सीमा शुल्क को शून्य कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिन एलपीजी वितरक केंद्रों पर किसी भी प्रकार की आपूर्ति समाप्त होने की स्थिति की कोई सूचना नहीं है। उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98 प्रतिशत तक बढ़ गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। बुधवार को देश में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। कुल वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट के पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबद्ध आवंटन भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी रोकने के लिए देशभर में प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को 3300 से अधिक छापे मारे गए, और पूरे देश में लगभग 600 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक देशभर में 1.16 लाख से अधिक छापे मारे जा चुके हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने आकस्मिक निरीक्षणों को सुदृढ़ किया है तथा 1870 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, 189 एलपीजी वितरक केंद्रों पर दंड लगाया गया है और 53 वितरक केंद्रों को निलंबित किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र के घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है तथा क्षेत्र के देशों के साथ निरंतर संपर्क में है। जहां वायु-क्षेत्र खुला हुआ है, वहां से उड़ानें जारी हैं और 28 फरवरी से अब तक लगभग 8,15,000 यात्री पश्चिम एशियाई क्षेत्र से भारत आ चुके हैं।

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