नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि वैश्विक अस्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकट में होने के बावजूद भारत अपनी संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच के बल पर तेज गति से विकास की राह पर बढ रहा है। श्रीमती मुर्मु ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि विश्व एक कठिन कालखंड से गुजर रहा है और लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक समीकरण भी बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध की अनिश्चितताओं ने भी वैश्विक स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संकट में डाल रखा है लेकिन इन सब परिस्थितियों के बीच भी भारत तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की इस सफलता के पीछे सरकार की संतुलित विदेश नीति और दूरगामी सोच की बड़ी भूमिका है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा जटिल वैश्विक परिस्थितियों में भारत विश्व में एक सेतु की भूमिका निभा रहा है जिसके चलते युद्धरत देश भी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भारत पर अपना भरोसा व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने संतुलन, निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोणों को प्राथमिकता देने के बावजूद भारत प्रथम के संकल्प को अटल बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को बुलंद किया है और अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, "भारत ने पूरे विश्व में ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखरता से तेज किया है। हमने अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित ऐसे सभी भूभागों में नई साझेदारी बनाई हैं, और पुराने सम्बन्धों को मजबूती दी है। भारत ने बिम्सटेक, जी 20, ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपस्थिति को भी लगातार मजबूत बनाया है।
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