हाजीपुर , अप्रैल 28 -- बिहार में वैशाली की जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने मंगलवार को सदर अस्पताल, हाजीपुर का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने निरीक्षण के दौरान एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम/चमकी बुखार) वार्ड एवं हीटवेव वार्ड का जायजा लिया तथा वहां भर्ती मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सीय व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की।
जिला पदाधिकारी ने एईएस वार्ड में भर्ती 10 बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिये कि सभी मरीजों का समुचित उपचार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
जिला पदाधिकारी ने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि चमकी बुखार के लक्षण दिखने पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। यदि बच्चे को तेज बुखार, शरीर में कंपन, बेहोशी, सुस्ती, झटके आना, लगातार उल्टी या असामान्य व्यवहार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में भर्ती कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चे को खाली पेट न सुलाएं, समय पर भोजन कराएं तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता लें। प्रारंभिक अवस्था में मीठा घोल/ओआरएस देने से भी लाभ हो सकता है।
जिला पदाधिकारी ने हीटवेव के मद्देनजर लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनने तथा बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लू लगने की स्थिति में तत्काल छायादार स्थान पर जाएं एवं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि एईएस एवं हीटवेव से संबंधित वार्डों में आवश्यक दवाएं, बेड, पेयजल, पंखा/कूलिंग व्यवस्था तथा चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वैशाली जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि एईएस एवं हीटवेव से बचाव संबंधी सावधानियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें।
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