हाजीपुर , मई 16 -- बिहार में वैशाली की जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने शनिवार को "हमारी कलेक्टर दीदी" कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के साथ विशेष प्रेरणादायी संवाद सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न उच्च विद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, आईटी मैनेजर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में सीखने, आगे बढ़ने एवं अपने भविष्य को लेकर विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली। विद्यार्थियों द्वारा करियर निर्माण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय चयन, समय प्रबंधन एवं लक्ष्य निर्धारण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका जिला पदाधिकारी द्वारा अत्यंत सरल, प्रेरणादायी एवं व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया गया। जिला पदाधिकारी के सकारात्मक मार्गदर्शन एवं आत्मीय संवाद शैली से छात्र-छात्राएं काफी प्रेरित एवं उत्साहित दिखाई दिए।

जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता एवं निरंतर मेहनत अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एनसीईआरटी आधारित अध्ययन, नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट एवं समयबद्ध तैयारी अत्यंत उपयोगी होती है। उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन अध्ययन करने, समाचार-पत्र पढ़ने, सामान्य ज्ञान बढ़ाने तथा अपने लक्ष्य के अनुरूप योजनाबद्ध रणनीति के साथ तैयारी करने का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को प्रारंभिक स्तर से ही अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर तैयारी करनी चाहिए। यदि किसी परीक्षा या प्रयास में असफलता मिलती है तो उससे निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर और अधिक लगन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि निरंतर प्रयास एवं धैर्य से ही सफलता प्राप्त होती है।

संवाद सत्र के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को दूसरों से तुलना या ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए तथा मानसिक दबाव या अवसाद को स्वयं पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता अलग होती है और हर विषय अपने आप में महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं लक्ष्य के अनुरूप विषय का चयन कर पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अध्ययन करना चाहिए।उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए स्वयं पर विश्वास सबसे बड़ी शक्ति है।

कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति भी जागरूक किया गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है तथा छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी उच्च विद्यालयों में सीसीटीवी लगाने की पहल की जा रही है।

जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सकारात्मक बने रहने, प्रेरणादायी गतिविधियों से जुड़े रहने तथा कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कभी पढ़ाई में मन कम लगे तो प्रेरणादायी गीत, सकारात्मक विचार एवं अच्छे व्यक्तित्वों के अनुभव भी विद्यार्थियों को नई ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। "हमारी कलेक्टर दीदी" पहल के माध्यम से जिला प्रशासन एवं विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं विश्वास का एक सशक्त वातावरण विकसित हो रहा है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को बड़े सपने देखने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति जागरूक होने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिये प्रेरित कर रही है।

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